Norta Nritya
यूपी के इस जिले में नवरात्र के 9 …सुआटा (Suaata) बुंदेलखंड क्षेत्र में नवरात्रि के दौरान कुंवारी लड़कियों द्वारा खेली जाने वाली एक पारंपरिक लोक क्रीड़ा/पूजा है। इसमें मिट्टी या गोबर से मूछों वाले ‘सुआटा’ (राक्षस/शिव का अंश) की मूर्ति बनाकर 9 दिनों तक पूजा की जाती है। यह परंपरा असुरों से रक्षा की प्रार्थना और नारी शक्ति का प्रतीक है।
सुआटा के बारे में मुख्य बातें:
उद्देश्य: यह मुख्य रूप से कुंवारी कन्याओं द्वारा गौरी पूजा के हिस्से के रूप में किया जाता है, जो सुआटा दैत्य को काबू करने और सुरक्षा की कामना से जुड़ी है।
प्रक्रिया: लड़कियां घर की दीवार पर सुआटा का चित्र बनाती हैं या मूर्ति बनाकर रंगोली सजाती हैं।
अंत: नौ दिनों के बाद, लड़कियां उस मूर्ति को डंडे से मारती हैं या उसे विसर्जित कर देती हैं।
क्षेत्र: यह परंपरा झांसी और बुंदेलखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक प्रचलित है।
अन्य अर्थ: छत्तीसगढ़ में ‘सुआ गीत’ (Sua Geet) भी होता है, जो दीपावली पर महिलाओं द्वारा गाया जाता है, लेकिन बुंदेली ‘सुआटा’ एक अलग, नवरात्रि-आधारित लोक पर्व है।






